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किसानो के लिए RBI लेगा बड़ा फैसला आसानी से लोन दे सकेंगे सभी बैंक

7 फरवरी को होंनें वाली बैठक में किसानों को लेकर ज्यादा बात चित होगी जिससे किसानों को आसानी से मिल पायेगा लोन 

भारतीय रिजर्व बैंक RBI बाजार में नकदी उपलब्धता बढ़ाने के लिए फरवरी में खुले बाजार हस्तक्षेप के जरिये 37,500 करोड़ रुपये डालेगा. इसके लिए वह सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद करेगा. रिजर्व बैंक ने एक बयान में कहा कि वह व्यवस्था में तरलता की स्थिति पर नजर रखे हुये है. RBI की ओर से सिस्टम में पैसे डाले जाने से बैंकों के लिए लोन देना आसान होगा. वहीं आम लोगों को भी आसानी से लोन मिल सकेगा.

सरकारी प्रतिभूतियों को खरीदेगा केंद्रीय बैंक

केंद्रीय बैंक ने कहा है, ‘‘बैंक ने खुले बाजार में हस्तक्षेप की नीति (ओएमओ) के तहत सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद करने का निर्णय किया है. इस खरीद के लिए फरवरी माह में बैंक कुल 375 अरब रुपये खर्च करेगा. बैंक फरवरी के दूसरे, तीसरे और चौथे सप्ताह में तीन बार की नीलामी में प्रत्येक बार 125 अरब रुपये की खरीद करेगा.’’ RBI ने बताया कि फरवरी के पहले सप्ताह में कोई नीलामी नहीं होगी क्योंकि उस हफ्ते में मौद्रिक नीति समिति की बैठक होनी है. बैंक ने कहा कि नीलामी तिथियों की घोषणा समय-समय पर करेगा.

कई बैंकों को मिल सकती है राहत

कई सरकारी बैंक जो रिजर्व बैंक की पाबंदियों की वजह से लोन नहीं बांट पा रहे हैं, उन्हें अगले महीने तक राहत मिल सकती है. ज़ी बिज़नेस को रिजर्व बैंक के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 31 जनवरी को रिज़र्व बैंक के बोर्ड ऑफ Financial Supervision की बैठक में इस पर फैसला लिया जाएगा. सूत्रों की मानें तो जिन बैंकों के डूबे कर्ज़ों में कमी आई है, पूंजी की स्थिति अच्छी है और वित्तीय स्थिति बेहतर हो रही है. ऐसे बैंकों को प्रॉम्ट करेक्टिव एक्शन (PCA) से जल्द राहत दी जाएगी. प्रॉम्ट करेक्टिव एक्शन से बैंकों की सेहत और न बिगड़े इसलिए लोन बांटने और गैर जरूरी खर्चों पर रोक लग जाती है. सूत्रों की मानें तो शुरू में 3-4 बैंकों को इसके दायरे से बाहर लाया जा सकता है. इसका औपचारिक एलान 15 फरवरी के आसपास हो सकता है. दरअसल 9 फरवरी को रिज़र्व बैंक के सेंट्रल बोर्ड की दिल्ली में बैठक होगी, जिसकी अध्यक्षता वित्त मंत्री करेंगे. मुमकिन है कि सेंट्रल बोर्ड की हरी झंडी मिलने या फिर उसके पहले भी बैंकों के लिए इस राहत का एलान कर दिया जाए.