Dena Bank, Vijya Bank और Bank Of Baroda के विलय को मिली केबिनेट के बैठक में मंजूरी –

0
148

दिन बुधवार को केबिनेट की बैठक में मिली तीनो बैंको के विलय को मंजूरी। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में बुधवार को सरकारी बैंकों – देना बैंक, विजया बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) के विलय को मंजूरी दे दी गई. केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद के मुताबिक, इस विलय से बैंक ऑफ बड़ौदा देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक और ‘वैश्विक प्रतिस्पर्धी निकाय’ बन जाएगा. मंत्री ने कहा कि इस विलय से कर्मचारियों की छंटनी नहीं होगी, क्योंकि देना और विजया बैंक के कर्मचारियों को बैंक ऑफ बड़ौदा में स्थानांतरित कर दिया जाएगा.

वित्त मंत्रालय की वैकल्पिक व्यवस्था द्वारा बैंक ऑफ बड़ौदा, विजया बैंक तथा देना बैंक के प्रस्तावित विलय को सैद्धांतिक मंजूरी देने के बाद अब केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भी इस प्रस्‍ताव को हरी झंडी दे दी है. प्रस्तावित विलय के अंतर्गत बैंक ऑफ बड़ौदा में विजया बैंक और देना बैंक का विलय होगा.

क्‍यों लिया गया बैंकों के विलय का निर्णय?

वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता वाली वैकल्पिक व्यवस्था ने वैश्विक आकार के बैंक बनाने के इरादे से तीनों बैंकों के विलय का निर्णय किया था. वित्त मंत्रालय के निर्णय के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा के निदेशक मंडल ने 29 सितंबर को तीनों सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रस्तावित विलय को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी. अन्य दोनों बैंकों के निदेशक मंडल ने भी विलय प्रस्ताव को मंजूरी दे दी.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here