बैंकों की फ्री सेवाएं अब नहीं होंगी ‘फ्री’, ATM, क्रेडिट कार्ड और चेक बुक पर 18% टैक्स –

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बैंकों की फ्री सेवाओं को जीएसटी के दायरे में लाने की तैयारी है (फोटो- जी न्यूज)
बैंकों की फ्री सेवाओं को जीएसटी के दायरे में लाने की तैयारी (फोटो-SKS)

बैंकों द्वारा अपने ग्राहकों को मुफ्त में उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं पर जीएसटी लगाए जाने के प्रस्ताव के चलते आने वाले दिनों में एटीएम, क्रेडिट कार्ड और चेक बुक जैसी सेवाएं महंगी हो सकती हैं। बैंक मिनिमम बैलेंस मेंटेन करने वाले ग्राहकों और सैलरी एकाउंट जैसे कुछ चुनिंदा खातों पर कई सेवाएं निशुल्क उपलब्ध कराते हैं।

इकनॉमिक टाइम्स में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक अब इन फ्री सेवाओं को जीएसटी के दायरे में लागे की तैयारी है. इस कारण भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक सहित प्रमुख बैंक जीएसटी को ग्राहकों से वसूलने की तैयारी कर रहे हैं। इस तरह आपके लिए चेक बुक, एटीएम, फ्यूल चार्ज पर रिफंड और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करना महंगा हो जाएगा।

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ग्राहकों का बढ़ेगा भार

इससे पहले अक्टूबर में खबर आई थी कि कर विभाग ने करीब 19 बैंकों को नोटिस जारी कर ग्राहकों को मुहैया कराई गईं फ्री सेवाओं के लिए टैक्स चुकाने के लिए कहा है। इंडियन बैंक एसोसिएशन के सीईओ वीजी कन्नन ने ईटी को बताया, ‘ज्यादातर बैंक अब जीएसटी का भार ग्राहकों पर डालने की तैयारी कर रहे हैं। ये राशि सीधे सरकार को जाएगी।

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बैंक की सेवाएं कितनी महंगी होने वाली हैं, ये अलग अलग बैंक के हिसाब से तय होगा कि उनकी सेवाओं का मूल्य क्या है। इस मूल्य का करीब 18 प्रतिशत ग्राहकों को चुकाना पड़ेगा। बैंक इसके लिए अपने सॉफ्टवेयर में बदलाव कर रहे हैं और फ्री सेवाओं पर किस तरह टैक्स लिया जाएगा, इसका तरीका तय होने के बाद ये राशि ग्राहकों के खाते से काटकर सरकार को सौंपनी शुरू कर दी जाएगी।

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